कितनी प्यारी दुआ है
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कितनी प्यारी दुआ है-
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيم
إلهي كفى بي عِزًّا أن أكون لك عَبدًا، وكفى بي فخرًا أن تكون لي رَبًّا، أنت
كما أُحب فاجعلني كما...
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23 नवंबर 2013 को 12:45 pm बजे
बहुत खुबसूरत रचना अभिवयक्ति.........
24 नवंबर 2013 को 8:03 am बजे
बढ़िया रचना |
आशा
24 नवंबर 2013 को 11:09 am बजे
उदासी को समेटे मुस्कुराते रहना ही जीवन है :)
24 नवंबर 2013 को 11:33 am बजे
सुन्दर रचना