रूहानी सफ़र का सबक़


हमने अपने रूहानी सफ़र में यही जाना है कि अल्लाह को सिर्फ़ वही शख़्स पा सकता है, जिसका दिल साफ़ हो यानी जिसके दिल में किसी के लिए भी मैल न हो, यहां तक कि अपने दुश्मन के लिए भी मन में मैल न हो. ये सबक़ हमें कर्बला के वाक़िआत से मिला, अहले बैत से मिला.  
-डॉ. फ़िरदौस ख़ान   
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