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एक दुआ, उनके लिए...


मेरे मौला !
अपने महबूब हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सदक़े में मेरे महबूब को सलामत रखना, आमीन 🌹
-फ़िरदौस ख़ान
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तुम्हारे लिए...




मेरे महबूब !
तुम्हारी ज़िन्दगी में
हमेशा मुहब्बत का मौसम रहे...

मुहब्बत के मौसम के
वही चम्पई उजाले वाले दिन
जिसकी बसंती सुबहें
सूरज की बनफ़शी किरनों से
सजी हों...

जिसकी सजीली दोपहरें
चमकती सुनहरी धूप से
सराबोर हों...

जिसकी सुरमई शामें
रूमानियत के जज़्बे से
लबरेज़ हों...
और
जिसकी मदहोश रातों पर
चांदनी अपना वजूद लुटाती रहे...

तुम्हारी ज़िन्दगी का हर साल
और
साल का हर दिन
हर दिन का हर लम्हा
मुहब्बत के नूर से रौशन रहे...

यही मेरी दुआ है
तुम्हारे लिए...
-फ़िरदौस ख़ान
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तुम्हारे नाम की चूड़ियां


मेरे महबूब !
तुम
हमेशा सलामत रहो...
मेरी कलाइयों में
तुम्हारे नाम की
हरे कांच की चूड़ियां
हमेशा खनकती रहें...
हथेलियों पर
तुम्हारे नाम की मेहंदी
रचती रहे...
और
बालों में
बेला के गजरे
तुम्हारे लम्स से
महकते रहें...
-फ़िरदौस ख़ान
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उन्हें अपनी पनाह में रखना


मेरे मौला !
उन्हें
हमेशा अपनी पनाह में रखना
जिनके नाम का कलमा
मेरी ज़बान पर रहता है
और
मेरी सांसें
जिनके नाम की
तस्बीह करती हैं...
-फ़िरदौस ख़ान
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