बेचैन रूहें बार-बार इस दुनिया में आती हैं... यानी वो बार-बार जन्म लेती हैं... बेचैन रूहें अपनी अधूरी ज़िन्दगी को मुकम्मल करने, अपनी लाहासिल ख़्वाहिशों को पूरा करने के लिए बार-बार जिस्मों का लिबास पहनती हैं... इन रूहों का ताल्लुक़ अपनी पिछली ज़िन्दगी से होता है... वही जगह, वही हालात, वही जज़्बात...
Laburnum
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Nature has bestowed upon us so many gifts that we cannot even count them.
One of these is the Laburnum.
There were several Laburnum trees near our childho...
ऐ इत्मीनान पाने वाली जान
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मौत जब भी आए, तो अपनों के बीच चहारदीवारी में आए. और रूह क़ब्ज़ करने वाला
फ़रिश्ता ये पैग़ाम लेकर आए-
ऐ इत्मीनान पाने वाली जान !
तू अपने परवरदिगार की तरफ़ इस ...
Dr. Firdaus Khan
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Dr Firdaus Khan is an Islamic scholar, poetess, author, script writer,
essayist, journalist, editor and translator. She is called the princess of
the isl...
उमरपुरा के सिख भाइयों ने बनवाई मस्जिद
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*डॉ. फ़िरदौस ख़ान *
हमारे प्यारे हिन्दुस्तान की सौंधी मिट्टी में आज भी मुहब्बत की महक बरक़रार
है. इसलिए यहां के बाशिन्दे वक़्त-दर-वक़्त इंसानियत, प्रेम और भाई...
27 सूरह अन नम्ल
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सूरह अन नम्ल मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 93 आयतें हैं.
*अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है*1. ता सीन. ये
क़ुरआन और रौशन किताब की आयतें...
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फ़िरदौस ख़ान
इस बलॊग में ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं
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