ज़िक्रे इलाही की फ़ज़ीलत
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*डॉ. फ़िरदौस ख़ान *इंसान सुकून की तलाश में न जाने कहां-कहां भटकता है, लेकिन
सुकून उसे सिर्फ़ अल्लाह की पनाह में ही मिलता है. अल्लाह के ज़िक्र से मिलता
है. ...
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3 मार्च 2016 को 12:40 am बजे
बहुत सच है कभी कभी अजनबी जाने पहचाने लगते है .