106 सूरह क़ुरैश
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*सूरह क़ुरैश*
*बिस्मिल्लाह हिर्रहमा निर्रहीम*
1 लि इलाफ़ी क़ुरैश.
2 इलाफ़िहिम.
3 रिहलतश शिफ़ाई वस सैफ़.
4 फ़ल यअबुदू रब्बा हाज़ल बैत.
5 अल्लज़ी अत अमाहुम मिन ...
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4 अप्रैल 2015 को 10:16 am बजे
कविता ने मन को बाँध लिया .. क्या खूब लिखा है .. अंतिम पंक्तियों ने जादू कर दिया है :)
क्यूंकि
मेरे लिए तू ही काफ़ी है
अल्लाह तू ही तू...
4 अप्रैल 2015 को 7:24 pm बजे
बहुत खूब!