कितनी प्यारी दुआ है
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कितनी प्यारी दुआ है-
بِسْمِ اللَّهِ الرَّحْمَنِ الرَّحِيم
إلهي كفى بي عِزًّا أن أكون لك عَبدًا، وكفى بي فخرًا أن تكون لي رَبًّا، أنت
كما أُحب فاجعلني كما...
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2 अप्रैल 2015 को 6:46 pm बजे
खुशनुमा पल कब पूनम के चाँद की तरह गुम हो जाय कुछ नहीं कह सकते ...बहुत सुन्दर रचना