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Firdaus Diary

मैं लफ्ज़ों के जज़ीरे की शहज़ादी हूं... Main Lafzon Ke Jazeere Ki Shahzadi Hoon...میں لفظوں کے جزیرے کی شہزادی ہوں

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हिन्दुस्तान का शहज़ादा

Posted in Label : हिन्दुस्तान का शहज़ादा | at 2:00:00 pm

हिन्दुस्तान का शहज़ादा
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मेरे अल्फ़ाज़, मेरे जज़्बात और मेरे ख़्यालात की तर्जुमानी करते हैं...क्योंकि मेरे लफ़्ज़ ही मेरी पहचान हैं...फ़िरदौस ख़ान

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    भारतकोश पर फ़िरदौस ख़ान

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    यादें...

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    हज़रत राबिया बसरी कहती हैं- इश्क़ का दरिया अज़ल से अबद तक गुज़रा, मगर ऐसा कोई न मिला जो उसका एक घूंट भी पीता. आख़िर इश्क़ विसाले-हक़ हुआ...

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    मेरी किताब

    मेरी किताब
    किताब का नाम : गंगा-जमुनी संस्कृति के अग्रदूत...लेखिका : फ़िरदौस ख़ान...पेज : 172 ...क़ीमत : 200 रुपए

    हिन्दुस्तान का शहज़ादा...

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    फ़िरदौस ख़ान
    डॉ. फ़िरदौस ख़ान एक इस्लामी विदुषी, शायरा, कहानीकार, लेखिका, निबंधकार, पत्रकार, सम्पादक और अनुवादक हैं.
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      जब किसी से इश्क़ हो जाता है, तो हो जाता है. इसमें लाज़िम है महबूब का होना (क़रीब) या न होना, क्योंकि इश्क़ तो 'उससे' हुआ है, उ...
    • परिजात के फूल...
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    • वो नज़्म...
      वो नज़्म जो कभी तुमने मुझ पर लिखी थी एक प्यार भरे रिश्ते से आज बरसों बाद भी उस पर नज़र पड़ती है तो यूं लगता है जैसे फिर से वही ...
    • तुम्हें कौन-से फूल भेजूं...
      फिरदौस खान फूल…फ़िज़ा में भीनी-भीनी महक बिखेरते रंग-बिरंगे फूल किसी का भी मन मोह लेने के लिए काफ़ी हैं…सुबह का कुहासा हो या गुलाब...

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