इंसान


दुनिया की हर चीज़ टूटने के बाद फ़ना हो जाती है, लेकिन इंसान टूटने के बाद बनता है और अपने असली मुक़ाम को पहुंचता है. इसलिए ज़िन्दगी में कभी टूट जाओ, तो उदास या परेशान होने की बजाय ख़ुद को समेटों और किसी नये मशग़ले में लग जाओ. इंशा अल्लाह कोई न कोई मुक़ाम ज़रूर हासिल कर लोगे.
-डॉ. फ़िरदौस ख़ान


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