छोटी सी प्यारी सी....सुन्दर प्रस्तुति .......... जब लहराती है बीबी अपने काले केश, और गुनगुनाती है मीठे गीत, तो मन करता है, फूल बनकर लग जाऊं उसकी चोटी में, और झूलने लगूं झूला, गजरा बनकर. लड्डू बोलता है ....इंजीनियर के दिल से http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_3507.html
शायरा, लेखिका और पत्रकार. लोग लफ़्ज़ों के जज़ीरे की शहज़ादी कहते हैं.
उर्दू, हिन्दी, इंग्लिश और पंजाबी में लेखन. दूरदर्शन केन्द्र और देश के प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में कई साल तक सेवाएं दीं. अनेक साप्ताहिक समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं का सम्पादन किया. ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन केन्द्र से समय-समय पर कार्यक्रमों का प्रसारण. ऑल इंडिया रेडियो और न्यूज़ चैनल के लिए एंकरिंग भी की है. देश-विदेश के विभिन्न समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और समाचार व फीचर्स एजेंसी के लिए लेखन. फ़हम अल क़ुरआन लिखा. सूफ़ीवाद पर 'गंगा-जमुनी संस्कृति के अग्रदूत' नामक एक किताब प्रकाशित. इसके अलावा डिस्कवरी चैनल सहित अन्य टेलीविज़न चैनलों के लिए स्क्रिप्ट लेखन. उत्कृष्ट पत्रकारिता, कुशल संपादन और लेखन के लिए अनेक पुरस्कारों ने सम्मानित. इसके अलावा कवि सम्मेलनों और मुशायरों में भी शिरकत की. कई बरसों तक हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की तालीम ली. फ़िलहाल 'स्टार न्यूज़ एजेंसी' और 'स्टार वेब मीडिया' में समूह संपादक हैं.
अपने बारे में एक शेअर पेश है- नफ़रत, जलन, अदावत दिल में नहीं है मेरे
अख़लाक़ के सांचे में अल्लाह ने ढाला है…
उमरपुरा के सिख भाइयों ने बनवाई मस्जिद
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*डॉ. फ़िरदौस ख़ान *
हमारे प्यारे हिन्दुस्तान की सौंधी मिट्टी में आज भी मुहब्बत की महक बरक़रार
है. इसलिए यहां के बाशिन्दे वक़्त-दर-वक़्त इंसानियत, प्रेम और भाई...
Sayyida Fatima al-Zahra Salamullah Alaiha
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On this blessed 20th of Jamadi al-Thani, we celebrate the birth of Sayyida
Fatima al-Zahra alamullah Alaiha — the Lady of Light, the Mother of the
Imams,...
میرے محبوب
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بزرگروں سے سناہے کہ شاعروں کی بخشش نہیں ہوتی وجہ، وہ اپنے محبوب کو
خدا بنا دیتے ہیں اور اسلام میں اللہ کے برابر کسی کو رکھنا شِرک یعنی ایسا
گناہ مانا جات...
27 सूरह अन नम्ल
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सूरह अन नम्ल मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 93 आयतें हैं.
*अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है*1. ता सीन. ये
क़ुरआन और रौशन किताब की आयतें...
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फ़िरदौस ख़ान
इस बलॊग में ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं
13 मार्च 2010 को 5:22 pm बजे
bahut hi marmsparshi.
13 मार्च 2010 को 5:59 pm बजे
बहुत ही खूबसूरत ।
13 मार्च 2010 को 6:02 pm बजे
हथेलियों पर लिखे नाम नहीं दहकते
दिल में उठते अरमान दहकते हैं
बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति चन्द पंक्तियों में
बेहतरीन
13 मार्च 2010 को 6:21 pm बजे
वाह गुलमोहर फ़ूलों का तो कहना ही क्या बिल्कुल हथेली पर लिखे नाम की तरह ..सचमुच ..
अजय कुमार झा
13 मार्च 2010 को 7:24 pm बजे
गुलमोहर की तरह सुन्दर........."
amitraghat.blogspot.com
14 मार्च 2010 को 12:49 am बजे
बहुत खूबसूरत ख्याल .......!
14 मार्च 2010 को 8:48 am बजे
सुंदर अभिव्यक्ति....बधाई
14 मार्च 2010 को 11:54 am बजे
छोटी सी प्यारी सी....सुन्दर प्रस्तुति
..........
जब लहराती है बीबी अपने काले केश,
और गुनगुनाती है मीठे गीत,
तो मन करता है,
फूल बनकर लग जाऊं उसकी चोटी में,
और झूलने लगूं झूला, गजरा बनकर.
लड्डू बोलता है ....इंजीनियर के दिल से
http://laddoospeaks.blogspot.com/2010/03/blog-post_3507.html
15 मार्च 2010 को 12:15 pm बजे
bahut hi pyaari nazm!!