कटा फटा दरूद मत पढ़ो
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*डॉ. बहार चिश्ती नियामतपुरी *रसूले-करीमص अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया कि मेरे
पास कटा फटा दरूद मत भेजो।
इस हदीसे-मुबारक का मतलब कि तुम कटा फटा यानी कटा उसे क...
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7 मार्च 2010 को 10:26 pm बजे
"शब्दों का चयन खूबसूरत है........"
प्रणव सक्सैना
amitraghat.blogspot.com
7 मार्च 2010 को 10:40 pm बजे
Ek achi nazm.
8 मार्च 2010 को 12:08 am बजे
ज़िन्दगी के आंगन में
मुहब्बत की चांदनी बिखरी है...
......ख्वाहिशों के बिस्तर.........
........................बेचैन निगाहों के पर्दे .........
क्या कहें......बस बहुत खूब...हमेशा की तरह
8 मार्च 2010 को 12:03 pm बजे
माजी के जज़ीरे पर
यादों की पूर्वाई है ....
बहुत नाज़ुक, बहुत खूबसूरत ख्याल है ....
8 मार्च 2010 को 12:04 pm बजे
bahut hi sundar bhav.