बेर के दरख़्त के अनोखे राज़
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*डॉ. फ़िरदौस ख़ान *
बेर का दरख़्त सिर्फ़ फल का एक दरख़्त ही नहीं है, बल्कि इसमें बहुत से राज़
पोशीदा हैं. क़ुरआन करीम और मुख़का दरख़्त सिर्फ़ फल का दरख़्त ही नहीं है...
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4 अप्रैल 2015 को 10:16 am बजे
कविता ने मन को बाँध लिया .. क्या खूब लिखा है .. अंतिम पंक्तियों ने जादू कर दिया है :)
क्यूंकि
मेरे लिए तू ही काफ़ी है
अल्लाह तू ही तू...
4 अप्रैल 2015 को 7:24 pm बजे
बहुत खूब!