चाहत का गुलाल

फागुन की मादक बेला में
सुर्ख़ पलाश दहकता है...
और
ज़िन्दगी के रुख्सारों पर
चाहत का गुलाल
महकता है...
-फ़िरदौस ख़ान
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9 Response to "चाहत का गुलाल"

  1. संजय भास्कर says:
    1 मार्च 2010 को 2:58 pm

    रंग बिरंगे त्यौहार होली की रंगारंग शुभकामनाए

  2. संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari says:
    1 मार्च 2010 को 2:59 pm

    होली को बहुत खुबसूरती से बयॉं किया आपने.
    होली पर आपको अनेक शुभकामनाएं...

  3. संजय भास्कर says:
    1 मार्च 2010 को 2:59 pm

    होली की हार्दिक शुभकामनाए इस आशा के साथ की ये होली सभी के जीवन में
    ख़ुशियों के ढेर सरे रंग भर दे ....!!

  4. शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' says:
    1 मार्च 2010 को 3:14 pm

    मोहतरमा फ़िरदौस साहिबा, आदाब
    ................ज़िन्दगी के रुख़्सारों पर...
    ...............चाहत का रंग महकता है..
    लीक से हटकर....नया अंदाज़....वाह...वाह
    होली पर एक शेर-
    बरसे हर सम्त फ़िज़ाओं में मुहब्बत का गुलाल
    रंग खुशियों के ही बरसाए जो होली आए
    शाहिद मिर्ज़ा शाहिद

  5. भारतीय नागरिक - Indian Citizen says:
    1 मार्च 2010 को 3:31 pm

    वाह, क्या बात है. बहुत खूबसूरत चित्र.

  6. अजय कुमार झा says:
    1 मार्च 2010 को 3:55 pm

    उफ़्फ़ बडे गहरे उतर गए आप तो ..फ़ागुन में पलाश की दहक ...बहुत खूब ..इतने कम ने बहुत प्रभावित किया ..होली की मुबारक बाद और शुभकामनाएं फ़िरदौस जी .
    अजय कुमार झा

  7. Udan Tashtari says:
    1 मार्च 2010 को 7:06 pm

    ये रंग भरा त्यौहार, चलो हम होली खेलें
    प्रीत की बहे बयार, चलो हम होली खेलें.
    पाले जितने द्वेष, चलो उनको बिसरा दें,
    खुशी की हो बौछार,चलो हम होली खेलें.


    आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.

    -समीर लाल ’समीर’

  8. सतीश सक्सेना says:
    1 मार्च 2010 को 11:34 pm

    आपको होली की शुभकामनायें !

  9. मौसम says:
    6 मार्च 2010 को 8:48 pm

    ज़िन्दगी के रुख्सारों पर चाहत का गुलाल महकता रहे.......
    आपके लिए दुआ करते हैं.......

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