उसने कहा था...

नज़्म
वो ख़्वाब था
या हक़ीक़त
ज़हन में नहीं
बस इतना याद है
उसने कहा था-
मैं आऊंगा
मेरा इंतज़ार करना...
-फ़िरदौस ख़ान
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9 Response to "उसने कहा था..."

  1. श्यामल सुमन says:
    8 दिसंबर 2009 को 7:42 pm

    शब्द बहुत हैं कम यहाँ लेकिन गहरे बोल।
    याद अभी तक शेष है बात बहुत अनमोल।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com

  2. Bhagyoday says:
    8 दिसंबर 2009 को 8:00 pm

    jarur intajar karunga
    bhagyodayorganic.blogspot.com

  3. nadeem says:
    8 दिसंबर 2009 को 10:36 pm

    Sunder rachna..gehre bhav...

  4. dr. ashok priyaranjan says:
    8 दिसंबर 2009 को 10:41 pm

    behtareen.

    samay ho to mere blog per kavitain padein aur comment bhi dein-
    http://drashokpriyaranjan.blogspot.com

  5. रश्मि प्रभा... says:
    9 दिसंबर 2009 को 2:16 pm

    bahut gahre arth hain is intzaar me

  6. वन्दना says:
    9 दिसंबर 2009 को 4:11 pm

    waah.........bahut hi gahre bhav chand shabdon mein hi.

  7. Rajey Sha says:
    10 दिसंबर 2009 को 7:56 pm

    एक फि‍ल्‍मी गीत का टुकड़ा है .....

    कोई वादा नहीं कि‍या लेकि‍न,
    क्‍यूं तेरा इंतजार रहता है

    बेवजह जब करार मि‍ल जाये

    दि‍ल बड़ा बेकरार रहता है।
    http://rajey.blogspot.com/

    और कोई कह जाये.. तब तो इंतजार करना ही होगा ना।

  8. शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' says:
    13 दिसंबर 2009 को 1:55 am

    मोहतरमा फिरदौस साहिबा, आदाब,
    नज्म दिल को छूने वाली है.
    अपना एक शेर अर्ज़ कर रहा हूं--
    लौटकर आयेगा वो किरदार, इस उम्मीद में,
    लेके बैठे हैं अधूरी इक कहानी आज भी..
    शाहिद मिर्ज़ा शाहिद

  9. संजय भास्कर says:
    21 अप्रैल 2010 को 12:38 am

    शब्द बहुत हैं कम यहाँ लेकिन गहरे बोल।

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