वाक़ई ये यादें ही तो हैं, जो तपती धूप में घने दरख़्त का साया हैं, तो जाड़ों में गुनगुनी धूप का अहसास देती हैं. ज़िन्दगी की भूल-भूलय्या में रौशनी बनकर बिखर जाती हैं, तो कभी सावन की फुहारें बनकर तन-मन को भिगो देती हैं.
True Goal
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Everything in the world is destroyed when it breaks, but a human being is
built up after breaking and reaches their true goal. Therefore, if you ever
fin...
ऐ इत्मीनान पाने वाली जान
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मौत जब भी आए, तो अपनों के बीच चहारदीवारी में आए. और रूह क़ब्ज़ करने वाला
फ़रिश्ता ये पैग़ाम लेकर आए-
ऐ इत्मीनान पाने वाली जान !
तू अपने परवरदिगार की तरफ़ इस ...
Dr. Firdaus Khan
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Dr Firdaus Khan is an Islamic scholar, poetess, author, script writer,
essayist, journalist, editor and translator. She is called the princess of
the isl...
उमरपुरा के सिख भाइयों ने बनवाई मस्जिद
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*डॉ. फ़िरदौस ख़ान *
हमारे प्यारे हिन्दुस्तान की सौंधी मिट्टी में आज भी मुहब्बत की महक बरक़रार
है. इसलिए यहां के बाशिन्दे वक़्त-दर-वक़्त इंसानियत, प्रेम और भाई...
27 सूरह अन नम्ल
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सूरह अन नम्ल मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 93 आयतें हैं.
*अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है*1. ता सीन. ये
क़ुरआन और रौशन किताब की आयतें...
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फ़िरदौस ख़ान
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