बेचैन रूहें बार-बार इस दुनिया में आती हैं... यानी वो बार-बार जन्म लेती हैं... बेचैन रूहें अपनी अधूरी ज़िन्दगी को मुकम्मल करने, अपनी लाहासिल ख़्वाहिशों को पूरा करने के लिए बार-बार जिस्मों का लिबास पहनती हैं... इन रूहों का ताल्लुक़ अपनी पिछली ज़िन्दगी से होता है... वही जगह, वही हालात, वही जज़्बात...
हर मर्ज़ का इलाज है
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*डॉ फ़िरदौस ख़ान *दुनिया में ऐसा कोई भी मर्ज़ नहीं है, जिसका इलाज न हो.
मुख़तलिफ़ हदीसों से ये बात साबित है. इसलिए किसी भी मर्ज़ में मुब्तिला होने पर
उसके इला...
When I am unwell
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When I am unwell—my body drained by fever and the very act of resting
becoming wearisome—everything outside my room suddenly seems so appealing.
I long t...
हमारी हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की साधना...
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संगीत प्रकृति के कण-कण में बसा है. चिड़ियों की चहचहाहट, नदियों का कल-कल करता
जल, झरनों की झर-झर, हवा की सांय-सांय और रिमझिम बूंदों की टिप-टिप. सभी में
सं...
Dr. Firdaus Khan
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Dr Firdaus Khan is an Islamic scholar, poetess, author, script writer,
essayist, journalist, editor and translator. She is called the princess of
the isl...
27 सूरह अन नम्ल
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सूरह अन नम्ल मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 93 आयतें हैं.
*अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है*1. ता सीन. ये
क़ुरआन और रौशन किताब की आयतें...
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फ़िरदौस ख़ान
इस बलॊग में ज़्यादातर तस्वीरें गूगल से साभार ली गई हैं
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