Rest in Peace


जब कोई किसी की मौत की ख़बर सुनता है, तो उसके लिए कुछ लफ़्ज़ बोलता है, जिसे आप ख़िराजे-अक़ीदत कह सकते हैं...
बात इस्लाम को मानने वाले की करते हैं... जब कोई मुसलमान, किसी मुसलमान के मरने की ख़बर सुनता है, तो वह कहता है-
ಯಹ್
إِنَّا لِلّهِ وَإِنَّـا إِلَيْهِ رَاجِعون
यानी Inna Lillahi Wa inna Ilayhi Rajioon
यानी हम बेशक ख़ुदा से ताल्लुक़ रखते हैं और हमें उसी के पास लौट कर जाना है...
(क़ुरआन सूरह अल-बक़रा 2:156 )

मुसलमान जब किसी ऐसे ग़ैर मुस्लिम की मौत की ख़बर सुनता है, जिसे जलाया गया है, वह तो कहता है-
فِي نَارِ جَهَنَّمَ خَالِدِينَ فِيهَا
यानी Fee nari jahannama khalidin fihaa
यानी वह दोज़ख़ की आग में है...
(क़ुरआन : सूरह अल-बैयिनह 98:‍6)

दोज़ख़ में हर तरफ़ आग ही आग होगी, क़ुरआन में कई जगह दोज़ख़ का ज़िक्र किया गया है.

अब बात अहले-किताब यानी ईसाइयों की... ईसाई जब किसी ईसाई की मौत की ख़बर सुनता है, तो कहता है-
Rest in Peace
यानी सुकून से आराम करो...
Rest in Peace की जगह RIP भी लिखा जाता है...
आजकल ग़ैर ईसाई भी Rest in Peace या RIP का ख़ूब इस्तेमाल कर रहे हैं...
-फ़िरदौस ख़ान
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