शुक्रिया


कभी किसी को बुरा नहीं कहना चाहिए... क्योंकि कई नास्तिक ख़ुदा के बंदों के लिए वो महान काम कर गए हैं, जो आस्तिक भी न कर पाए...
आज हमारी ज़िन्दगी बहुत आसान है... बिजली है, बिजली और तेल से चलने वाली तमाम सहूलियात की चीज़ें हमें मयस्सर हैं...
ज़रा सोचो, जब ये सब चीज़ें न थीं, तब इंसान की ज़िन्दगी कितनी मुश्किलात भरी रही होगी...
हम उन सभी लोगों के शुक्रगुज़ार हैं, जिनकी वजह से आज हम आराम की ज़िन्दगी बसर कर रहे हैं और ये पोस्ट भी लिख पा रहे हैं...
आप जहां भी हों, आपको हमारा सलाम...
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1 Response to "शुक्रिया"

  1. राजेंद्र कुमार says:
    1 अक्तूबर 2015 को 2:45 pm


    आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (02.10.2015) को "दूसरों की खुशी में खुश होना "(चर्चा अंक-2116) पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें और अपने विचारों से अवगत करायें, चर्चा मंच पर आपका स्वागत है।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ, सादर...!

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