मैं लफ्ज़ों के जज़ीरे की शहज़ादी हूं...
Main Lafzon Ke Jazeere Ki Shahzadi Hoon...میں لفظوں کے جزیرے کی شہزادی ہوں
शुक्रवार, नवंबर 12, 2021
सफ़ेदी से दमकती दिवालें
आंगन की दिवालों को चूने से पोता गया है... हमारा 'माज़ी' अब भी हमारे 'आज' से वाबस्ता है... भले ही पूरे घर में एशियन पेंट हुआ हो, लेकिन घर का सबसे प्यारा हिस्सा सफ़ेदी से दमकता हुआ बहुत ही भला लग रहा है... (ज़िन्दगी की किताब का एक वर्क़)
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