Firdaus Diary

मैं लफ्ज़ों के जज़ीरे की शहज़ादी हूं... Main Lafzon Ke Jazeere Ki Shahzadi Hoon...میں لفظوں کے جزیرے کی شہزادی ہوں

गुरुवार, अगस्त 20, 2026

तबीयत

›
जब तबीयत ठीक नहीं होती. बुख़ार से जिस्म निढाल होता है. आराम करते-करते भी कोफ़्त होने लगती है, ऐसे में अपने कमरे के सिवा सबकुछ कितना भला लगता ह...
बुधवार, अगस्त 19, 2026

इश्क़ वो आग है, जो महबूब के सिवा सब कुछ जला डालती है...

›
अल इश्क़ो नारून, युहर्री को मा सवीयिल महबूब... यानी इश्क़ वो आग है, जो महबूब के सिवा सब कुछ जला डालती है... इश्क़ वो आग है, जिससे...
33 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, अगस्त 18, 2026

मुहब्बत से महकते ख़त

›
ख़त... सच, कितना प्यारा लफ़्ज़ है ख़त...संदूक़ में कपड़ों की तह में छुपाकर रखे गए ख़त कितने अच्छे लगते हैं. जब भी इन्हें पढ़ो, तो हमे...
7 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, जुलाई 21, 2026

हमारी हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की साधना

›
संगीत प्रकृति के कण-कण में बसा है. चिड़ियों की चहचहाहट, नदियों का कल-कल करता जल, झरनों की झर-झर, हवा की सांय-सांय और रिमझिम बूंदों की टिप-टिप...

गुरु गोविन्द दोऊ खड़े काको लागूं पायं...

›
डॉ. फ़िरदौस ख़ान  बात उन दिनों की है जब हम हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ग्रहण कर रहे थे. हर रोज़ सुबह फ़ज्र की नमाज़ के बाद रिय...
1 टिप्पणी:
रविवार, जुलाई 19, 2026

वक़्त गुज़रा तो कोई ख़्वाब दिखाते गुज़रा

›
  वक़्त गुज़रा तो कोई ख़्वाब दिखाते गुज़रा तुझको भूलें न कभी याद दिलाते गुज़रा ज़िन्दगी ख़्वाब नहीं, ख़्वाब का धोखा है फ़क़्त नाम उसका ही हक़ीक़त था, बत...

चाँदनी रात में कुछ भीगे ख़्यालों की तरह

›
चांदनी रात में कुछ भीगे ख़्यालों की तरह मैंने चाहा है तुम्हें दिन के उजालों की तरह साथ तेरे जो गुज़ारे थे कभी कुछ लम्हें मेरी यादों में...
5 टिप्‍पणियां:
मंगलवार, जुलाई 14, 2026

इंसान का टूटना

›
दुनिया की हर चीज़ टूटने के बाद फ़ना हो जाती है, लेकिन इंसान टूटने के बाद बनता है और अपने असली मुक़ाम को पहुंचता है. इसलिए ज़िन्दगी में कभी टू...
शुक्रवार, जुलाई 03, 2026

तू मेरे गोकुल का कान्हा, मैं हूं तेरी राधा रानी...

›
जब किसी से इश्क़ हो जाता है, तो हो जाता है. इसमें लाज़िम है महबूब का होना (क़रीब) या न होना, क्योंकि इश्क़ तो 'उससे' हुआ है, उ...
24 टिप्‍पणियां:
शनिवार, जून 27, 2026

डॉ. फ़िरदौस ख़ान का परिचय

›
डॉ. फ़िरदौस ख़ान एक इस्लामी विदुषी, शायरा, कहानीकार, लेखिका, पटकथा लेखिका, निबंधकार, पत्रकार, सम्पादक और अनुवादक हैं। उन्हें ‘लफ़्ज़ों के जज़ीरे...
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

...

मेरी फ़ोटो
फ़िरदौस ख़ान
डॉ. फ़िरदौस ख़ान एक इस्लामी विदुषी, शायरा, कहानीकार, लेखिका, निबंधकार, पत्रकार, सम्पादक और अनुवादक हैं.
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.