Firdaus Diary

मैं लफ्ज़ों के जज़ीरे की शहज़ादी हूं... Main Lafzon Ke Jazeere Ki Shahzadi Hoon...میں لفظوں کے جزیرے کی شہزادی ہوں

गुरुवार, जनवरी 29, 2026

जुमेरात...

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-डॉ. फ़िरदौस ख़ान   28 जनवरी, 2016... जुमेरात का दिन, एक यादगार दिन था... कभी न भूलने वाला दिन... मुहब्बत की शिद्दत से सराबोर दिन, इबादत स...
सोमवार, जनवरी 05, 2026

रूहानी सफ़र का सबक़

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हमने अपने रूहानी सफ़र में यही जाना है कि अल्लाह को सिर्फ़ वही शख़्स पा सकता है, जिसका दिल साफ़ हो यानी जिसके दिल में किसी के लिए भी मैल न हो, य...
शनिवार, दिसंबर 27, 2025

ग़ालिब की डायरी है दस्तंबू

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फ़िरदौस ख़ान हिन्दुस्तान के बेहतरीन शायर मिर्ज़ा ग़ालिब ने उर्दू शायरी को नई ऊंचाई दी. उनके ज़माने में उर्दू शायरी इश्क़, मुहब्बत, विसाल...
गुरुवार, दिसंबर 25, 2025

तुम कब आओगे सांता...

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डॉ. फ़िरदौस ख़ान आज क्रिसमस है... साल भर बेसब्री से इंतज़ार करते हैं इस बड़े दिन का... बहुत ख़ूबसूरत यादें जुड़ी हैं क्रिसमस से... बचप...
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रविवार, दिसंबर 21, 2025

इश्क़ वो आग है, जो महबूब के सिवा सब कुछ जला डालती है...

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अल इश्क़ो नारून, युहर्री को मा सवीयिल महबूब... यानी इश्क़ वो आग है, जो महबूब के सिवा सब कुछ जला डालती है... इश्क़ वो आग है, जिससे...
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नीले और सुनहरे रंग का स्वेटर...

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फ़िरदौस ख़ान जाड़ो का मौसम शुरू हो चुका था. हम उनके लिए स्वेटर बुनना चाहते थे. बाज़ार गए और नीले और सुनहरे रंग की ऊन ख़रीदी. सलाइयां तो घर ...

वो मेरे महबूब हैं

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महबूब...  महबूब और इश्क़... इश्क़ और इबादत... इबादत और ख़ुदा...  आसमान के काग़ज़ पर चांदनी की रौशनाई से महबूब का तअरुफ़ लिखने बैठें, तो कायना...

मेरे महबूब...

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आज उनकी सालगिरह है, जिनके क़दमों में हम अपनी अक़ीदत के फूल चढ़ाते हैं... इस मुबारक मौक़े पर उन्हें समर्पित एक नज़्म ’मेरे महबूब’ पेश-ख़िदमत है.....
सोमवार, दिसंबर 01, 2025

आज पहली दिसम्बर है...

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डॉ. फ़िरदौस ख़ान आज पहली दिसम्बर है... दिसम्बर का महीना हमें बहुत पसंद है... क्योंकि इसी माह में क्रिसमस आता है... जिसका हमें सालभर बेसब्र...
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शनिवार, नवंबर 15, 2025

जाड़ो की दस्तक

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अल सुबह से ठंडी हवाएं चल रही हैं... गोया जाड़ो ने हौले से दस्तक दी हो और गर्मियों के मौसम से चुपके से कहा हो- गर्मी के मौसम ! अब विदा लो...
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फ़िरदौस ख़ान
शायरा, लेखिका और पत्रकार. लोग लफ़्ज़ों के जज़ीरे की शहज़ादी कहते हैं. उर्दू, हिन्दी, इंग्लिश और पंजाबी में लेखन. दूरदर्शन केन्द्र और देश के प्रतिष्ठित समाचार-पत्रों में कई साल तक सेवाएं दीं. अनेक साप्ताहिक समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं का सम्पादन किया. ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन केन्द्र से समय-समय पर कार्यक्रमों का प्रसारण. ऑल इंडिया रेडियो और न्यूज़ चैनल के लिए एंकरिंग भी की है. देश-विदेश के विभिन्न समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और समाचार व फीचर्स एजेंसी के लिए लेखन. फ़हम अल क़ुरआन लिखा. सूफ़ीवाद पर 'गंगा-जमुनी संस्कृति के अग्रदूत' नामक एक किताब प्रकाशित. इसके अलावा डिस्कवरी चैनल सहित अन्य टेलीविज़न चैनलों के लिए स्क्रिप्ट लेखन. उत्कृष्ट पत्रकारिता, कुशल संपादन और लेखन के लिए अनेक पुरस्कारों ने सम्मानित. इसके अलावा कवि सम्मेलनों और मुशायरों में भी शिरकत की. कई बरसों तक हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत की तालीम ली. फ़िलहाल 'स्टार न्यूज़ एजेंसी' और 'स्टार वेब मीडिया' में समूह संपादक हैं. अपने बारे में एक शेअर पेश है- नफ़रत, जलन, अदावत दिल में नहीं है मेरे अख़लाक़ के सांचे में अल्लाह ने ढाला है…
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