मैं लफ्ज़ों के जज़ीरे की शहज़ादी हूं...
Main Lafzon Ke Jazeere Ki Shahzadi Hoon...میں لفظوں کے جزیرے کی شہزادی ہوں
रविवार, अप्रैल 26, 2026
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डॉ. फ़िरदौस ख़ान को 'लफ़्ज़ों के जज़ीरे की शहज़ादी' कहा जाता है। वे एक विद्वान, कवयित्री, कहानीकार, पत्रकार, सम्पादक और अनुवादक हैं जिनका काम आध्यात्मिकता और साहित्य को जोड़ता है।
सूफ़ी परम्परा से जुड़ी फ़िरदौस ने 'फ़हम अल-क़ुरआन' और 'गंगा-जमुनी संस्कृति के अग्रदूत' जैसी किताबें लिखी हैं। दूरदर्शन और आकाशवाणी से जुड़ी रहीं फिरदौस ने उर्दू, हिन्दी, पंजाबी और अंग्रेजी में लिखकर सद्भाव और सेवा का संदेश दिया है।
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