गुरुवार, जनवरी 25, 2018

तुम्हारे नाम की आंच

मेरे महबूब !
तुम्हारे नाम की आंच ने
मुझे आ घेरा है
जब से
क़ुदरत ने
मौसम में बर्फ़ घोली है...
-फ़िरदौस ख़ान

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