सोमवार, मार्च 01, 2010

चाहत का गुलाल

फागुन की मादक बेला में
सुर्ख़ पलाश दहकता है...
और
ज़िन्दगी के रुख्सारों पर
चाहत का गुलाल
महकता है...
-फ़िरदौस ख़ान

8 टिप्‍पणियां:

  1. होली को बहुत खुबसूरती से बयॉं किया आपने.
    होली पर आपको अनेक शुभकामनाएं...

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  2. होली की हार्दिक शुभकामनाए इस आशा के साथ की ये होली सभी के जीवन में
    ख़ुशियों के ढेर सरे रंग भर दे ....!!

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  3. मोहतरमा फ़िरदौस साहिबा, आदाब
    ................ज़िन्दगी के रुख़्सारों पर...
    ...............चाहत का रंग महकता है..
    लीक से हटकर....नया अंदाज़....वाह...वाह
    होली पर एक शेर-
    बरसे हर सम्त फ़िज़ाओं में मुहब्बत का गुलाल
    रंग खुशियों के ही बरसाए जो होली आए
    शाहिद मिर्ज़ा शाहिद

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  4. वाह, क्या बात है. बहुत खूबसूरत चित्र.

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  5. उफ़्फ़ बडे गहरे उतर गए आप तो ..फ़ागुन में पलाश की दहक ...बहुत खूब ..इतने कम ने बहुत प्रभावित किया ..होली की मुबारक बाद और शुभकामनाएं फ़िरदौस जी .
    अजय कुमार झा

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  6. ये रंग भरा त्यौहार, चलो हम होली खेलें
    प्रीत की बहे बयार, चलो हम होली खेलें.
    पाले जितने द्वेष, चलो उनको बिसरा दें,
    खुशी की हो बौछार,चलो हम होली खेलें.


    आप एवं आपके परिवार को होली मुबारक.

    -समीर लाल ’समीर’

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  7. आपको होली की शुभकामनायें !

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  8. ज़िन्दगी के रुख्सारों पर चाहत का गुलाल महकता रहे.......
    आपके लिए दुआ करते हैं.......

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