मंगलवार, दिसंबर 08, 2009

उसने कहा था...

नज़्म
वो ख़्वाब था
या हक़ीक़त
ज़हन में नहीं
बस इतना याद है
उसने कहा था-
मैं आऊंगा
मेरा इंतज़ार करना...
-फ़िरदौस ख़ान

9 टिप्‍पणियां:

  1. शब्द बहुत हैं कम यहाँ लेकिन गहरे बोल।
    याद अभी तक शेष है बात बहुत अनमोल।।

    सादर
    श्यामल सुमन
    09955373288
    www.manoramsuman.blogspot.com

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  2. behtareen.

    samay ho to mere blog per kavitain padein aur comment bhi dein-
    http://drashokpriyaranjan.blogspot.com

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  3. एक फि‍ल्‍मी गीत का टुकड़ा है .....

    कोई वादा नहीं कि‍या लेकि‍न,
    क्‍यूं तेरा इंतजार रहता है

    बेवजह जब करार मि‍ल जाये

    दि‍ल बड़ा बेकरार रहता है।
    http://rajey.blogspot.com/

    और कोई कह जाये.. तब तो इंतजार करना ही होगा ना।

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  4. मोहतरमा फिरदौस साहिबा, आदाब,
    नज्म दिल को छूने वाली है.
    अपना एक शेर अर्ज़ कर रहा हूं--
    लौटकर आयेगा वो किरदार, इस उम्मीद में,
    लेके बैठे हैं अधूरी इक कहानी आज भी..
    शाहिद मिर्ज़ा शाहिद

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  5. शब्द बहुत हैं कम यहाँ लेकिन गहरे बोल।

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