मंगलवार, नवंबर 11, 2008

ज़िन्दगी में मुहब्बत का मौसम हो...


काश! कभी ऐसा हो...
ज़िन्दगी में
मुहब्बत का मौसम हो...

सुबहें
उम्मीद की किरनों से
रौशन हों...

दोपहरें
पलाश-वन सी
दहकी हों...

शामें
सुर्ख़ गुलाबों-सी
महकी हों...

और
रातें
मुहब्बत की चांदनी में
भीगी हों...

काश! कभी ऐसा हो...
ज़िन्दगी में
मुहब्बत का मौसम हो...
-फ़िरदौस ख़ान

19 टिप्‍पणियां:

  1. waah bahut hi khubsurat suhana man bhawan mausam,kash har pal aisa hi ho,sundar nazm badhai

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  2. काश! कभी ऐसा हो...
    ज़िन्दगी में
    मुहब्बत का मौसम हो
    bahut khub likha aapne

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  3. काश! कभी ऐसा हो...
    ज़िन्दगी में
    मुहब्बत का मौसम हो
    nice to read..

    regards

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  4. आमीन।
    वैसे निराश न हों। 'वो सुबह कभी तो आएगी'

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  5. काश! कभी ऐसा हो...
    ज़िन्दगी में
    मुहब्बत का मौसम हो...


    --बहुत उम्दा कहा!! वाह!

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  6. काश की दुनिया की सभी जिन्दगियों में एक साथ यह मौसम आए और कभी न जाए।

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  7. काश! कभी ऐसा हो...
    ज़िन्दगी में
    मुहब्बत का मौसम हो...

    bahut khub

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  8. बहुत अच्छी रचना के िलए साधुवाद ।

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  9. अगर दिल में मोहब्बत हो तो ऐसा मौसम हमेशा रहता है.....बहुत अच्छा लिखा आपने!

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  10. आमीन

    lekin mohobbat ka mausam toh hai hi aapki zindagi main. yeh alag baat hai ki kis se aur kis tarah se

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  11. रूमानी रचना के लिए बधाई!

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  12. "kaash kabhi aisa ho.." waah ! kis saleeqe se zindgi ko aawaaz di hai aapne. Ek musalsal.si pur.umeed sadaa aur uss pr umdaa t`khayyul, nafees lehjaa... aur munt`khb tashbeeh....aafreeN. mubarakbaad qubool farmaaeiN. ---MUFLIS---

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  13. काश! कभी ऐसा हो...
    ज़िन्दगी में
    मुहब्बत का मौसम हो


    वाकई जरूरत है फिरदौस जी,
    आमीन..!

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  14. वैसे तो मुहब्बत का मौसम पूरी ज़िन्दगी के हर लम्हे में बसा हुआ है जहां मुहब्बत का हर पहलू देखने को मिलता रहता है - ख़ुशी, ग़म तो कभी इंतज़ार।
    एक ख़ूबसूरत रचना है।। बधाई।

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  15. apke blog ko apne link me rakha hai ummid hai aapko aiteraaz nahi hoga,

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  16. आपकी यह ग़ज़ल मुझे इतनी देर से पढ़ने को क्यों मिली। वाकई बहुत उम्दा ग़ज़लें हैं। मेरा दुर्भाग्य का मैं देर से यहां पहुंचा।

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  17. कल 30/अक्तूबर/2014 को आपकी पोस्ट का लिंक होगा http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर
    धन्यवाद !

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  18. मुहब्बत का मौसम तो हर लम्हा होता है ... महसूस हो सके तो फिर बात है ...

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  19. काश ऐसा हो पाता...बहुत सुन्दर भावपूर्ण प्रस्तुति...

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