एक दुआ उनके लिए...


एक दुआ उनके लिए...
इज्ज़्तो-शौहरत मिले, दौलत मिले
जिस तरफ़ जाओ, उधर उल्फ़त मिले
-फ़िरदौस ख़ान
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6 Response to "एक दुआ उनके लिए..."

  1. डॉ.सुभाष भदौरिया. says:
    12 दिसंबर 2009 को 5:38 pm

    फ़िरदौसजी हम ग़रीबों के लिए भी कुछ दुआ कर लें.
    कमबख्त हुक्मरानों ने क्लास वन का प्रमोशन तो दिया पर ऐसी जगह पटका जहा रोने के सिवा कुछ भी नहीं.एक ऐसा पिछड़ा गांव जहां उर्दू तो ठीक टूटी फूटी गुजराती से काम चलाना पढ़ रहा है सरकार में होना अपने आप में एक सज़ा ज़रा भी सर उठाया कि फेक दिया परिवार से दूर.ग़ज़लें कह कह कर ग़म ग़लत कर रहे हैं.
    आपकी नज़र अंदाजी भी कुछ कम नहीं.

  2. Udan Tashtari says:
    12 दिसंबर 2009 को 5:40 pm

    वाह!! दुआ हो तो ऐसी हो!!

    बधाई.

  3. दिगम्बर नासवा says:
    12 दिसंबर 2009 को 6:31 pm

    आमीन .......... खूबसूरत शेर ..........

  4. IRFAN says:
    12 दिसंबर 2009 को 11:47 pm

    wah.kaun hai woh?

  5. शाहिद मिर्ज़ा ''शाहिद'' says:
    13 दिसंबर 2009 को 1:44 am

    इज्ज़त-ओ-शोहरत मिले, दौलत मिले
    जिस तरफ जाओ, उधर उल्फत मिले
    दिल से की गई ये दुआ अल्लाह कबूल फरमाये (आमीन)

    शाहिद मिर्ज़ा शाहिद

  6. मौसम says:
    6 मार्च 2010 को 9:17 pm

    आमीन.......

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